महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में LPG गैस से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है। ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स कंपनी के मालिक पर करीब 1.5 करोड़ रुपए की LPG गैस चोरी का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है, जबकि कंपनी का मालिक और डायरेक्टर फरार बताए जा रहे हैं।


थाने में खड़े ट्रकों को कंपनी को सौंपा गया

दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा थाना पुलिस ने 6 LPG कैप्सूल ट्रकों को पकड़ा था। इन ट्रकों में करीब 90 मीट्रिक टन गैस भरी हुई थी, लेकिन उनके पास वैध दस्तावेज नहीं थे।

थाने में खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने इन ट्रकों को सुरक्षित स्थान पर रखने का निर्णय लिया। कलेक्टर के निर्देश पर 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग की टीम ने इन्हें ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स कंपनी को सुरक्षित रखने के लिए सौंप दिया।


यहीं से शुरू हुआ घोटाले का खेल

आरोप है कि कंपनी के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और डायरेक्टर साकिन ठाकुर ने योजना बनाकर गैस को अवैध रूप से निकालना शुरू कर दिया।

सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि ट्रकों का वजन हैंडओवर के समय नहीं कराया गया। सिंघोड़ा से अभनपुर तक करीब 200 किलोमीटर के रास्ते में 15 से ज्यादा धर्मकांटे होने के बावजूद कहीं भी वजन नहीं कराया गया।


8 दिन में खाली कर दी पूरी गैस

ट्रकों को प्लांट के अंदर ले जाकर एक-एक कर LPG गैस को बुलेट टैंकों में खाली किया गया।

टैंक भरने के बाद भी बची गैस को निजी टैंकरों और सिलेंडरों में भरकर बेचा गया। बताया जा रहा है कि बिना पक्के बिल के 4 से 6 टन गैस अलग-अलग एजेंसियों को भेजी गई।


‘लीकेज’ की कहानी निकली फर्जी

जब मामला सामने आया तो कंपनी की ओर से दावा किया गया कि गैस लीक हो गई थी।

लेकिन राष्ट्रीय स्तर के एक्सपर्ट की जांच में साफ हो गया कि इतनी बड़ी मात्रा में LPG का लीकेज संभव ही नहीं है। बिना किसी दुर्घटना के एक कैप्सूल से 20 टन गैस का निकलना नामुमकिन बताया गया।


कागजों में ही खुल गया पूरा खेल

जांच में बड़ा खुलासा तब हुआ जब खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड खंगाले गए।

  • अप्रैल में कंपनी ने सिर्फ 47 टन LPG खरीदी
  • लेकिन कागजों में 107 टन बिक्री दिखाई गई

यानी करीब 60 टन गैस ऐसी बेची गई, जो खरीदी ही नहीं गई थी।


सबूत मिटाने की भी कोशिश

जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी के ऑफिस से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब कर दिए गए।

  • बिना बिल का रजिस्टर गायब
  • एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड से छेड़छाड़
  • दस्तावेज नष्ट करने की कोशिश

इस आधार पर आरोपियों पर अतिरिक्त धाराएं भी लगाई गई हैं।


एक गिरफ्तार, बाकी फरार

पुलिस ने इस मामले में कंपनी के एक स्टाफ निखिल वैष्णव को गिरफ्तार किया है।

वहीं, मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर, डायरेक्टर और प्लांट मैनेजर फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।


भारी मात्रा में सामान जब्त

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कई सामान जब्त किए हैं:

  • 7 LPG टैंकर
  • 4 बुलेट टैंक
  • 100 गैस सिलेंडर
  • कंप्यूटर, DVR और दस्तावेज

क्या कहती है जांच?

जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा मामला सुनियोजित चोरी और फर्जीवाड़े का है।

अगर समय पर जांच नहीं होती तो यह घोटाला और बड़ा हो सकता था।

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