रायपुर। राजधानी पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और सट्टा मटका नेटवर्क से जुड़े एक बड़े आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह ऑनलाइन सट्टेबाजों को पैनल और आईडी उपलब्ध कराकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। पुलिस ने करीब 20 दिन तक तकनीकी जांच, डिजिटल ट्रांजेक्शन और लोकेशन ट्रैकिंग के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान लोकेश अग्रवाल के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी कई ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट्स के जरिए अवैध कारोबार चला रहा था और रायपुर समेत आसपास के जिलों में उसका बड़ा नेटवर्क फैला हुआ था।

अप्रैल में हुई थी पहली कार्रवाई

कबीर नगर थाना पुलिस ने 15 अप्रैल को कार्रवाई करते हुए आकाश टांडी और मोहम्मद आरिफ नाम के दो आदतन सटोरियों को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलाते हुए पकड़ा था। उस दौरान आरोपियों के कब्जे से करीब 4 लाख 97 हजार रुपए नकद और चार मोबाइल फोन जब्त किए गए थे।

पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल फोन का फोरेंसिक एनालिसिस कराया, तब जांच में कई अहम सुराग हाथ लगे। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी लोकेश अग्रवाल नामक युवक से ऑनलाइन सट्टे की आईडी और पैनल लेकर काम कर रहे थे।

20 दिन तक खंगालती रही पुलिस

मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने फरार चल रहे लोकेश अग्रवाल की तलाश शुरू की। पुलिस टीम लगातार उसकी डिजिटल एक्टिविटी, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और लोकेशन ट्रैक कर रही थी।

करीब 20 दिन की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से दो स्मार्टफोन भी बरामद किए गए हैं। मोबाइल जांच में कई ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट्स और लेनदेन से जुड़े सबूत मिले हैं।

कई वेबसाइट्स से चलता था सट्टा नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि लोकेश अग्रवाल ‘allpanal777.now’ समेत कई ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म का मास्टर पैनल संचालित करता था। आरोपी अलग-अलग सटोरियों को आईडी और पैनल उपलब्ध कराता था, जिसके जरिए क्रिकेट सट्टे के साथ-साथ सट्टा मटका का कारोबार भी चलाया जा रहा था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी का नेटवर्क रायपुर और आसपास के कई जिलों तक फैला हुआ था। इस नेटवर्क के जरिए रोजाना लाखों रुपए का अवैध लेनदेन किया जा रहा था।

म्यूल अकाउंट से छिपाए जाते थे पैसे

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी सट्टे से मिलने वाली रकम को ठिकाने लगाने के लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कई संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी जुटाई है।

अफसरों के अनुसार कई खातों में लाखों रुपए के ट्रांजेक्शन मिले हैं। फिलहाल बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

ACP ईशू अग्रवाल ने क्या कहा

सहायक पुलिस आयुक्त ईशू अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। शुरुआती जांच में आकाश टांडी और मोहम्मद आरिफ द्वारा लोकेश अग्रवाल से पैनल लेने की जानकारी सामने आई थी।

उन्होंने कहा कि पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि लोकेश अग्रवाल ने पैनल किससे खरीदा था और इस पूरे नेटवर्क का असली ऑपरेटर कौन है।

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