रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को हत्या और साजिश का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें रमेश सिन्हा और अरविन्द वर्मा शामिल थे, ने कहा कि जब सभी आरोपियों के खिलाफ समान सबूत हों, तो किसी एक आरोपी को अलग राहत देना न्यायसंगत नहीं है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी अदालत ने स्पष्ट कहा: एक ही अपराध में शामिल सभी आरोपियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए समान सबूत होने पर अलग-अलग फैसले नहीं दिए जा सकते बिना ठोस कारण किसी एक आरोपी को बरी करना गलत है IPC की इन धाराओं में सजा अमित जोगी को: IPC धारा 302 (हत्या) IPC धारा 120-B (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया गया है। सजा: उम्रकैद + ₹1000 जुर्माना जुर्माना न देने पर 6 महीने अतिरिक्त सजा हाईकोर्ट ने उन्हें 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश भी दिया है। अब मामला सुप्रीम कोर्ट में अमित जोगी ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। कोर्ट ने अपील स्वीकार कर ली है 20 अप्रैल को सुनवाई होगी फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं सुनवाई विक्रम नाथ और संजय मेहता की बेंच में हुई। जोगी पक्ष की दलील वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल मुकुल रोहतगी विवेक तन्खा सिद्धार्थ दवे ने तर्क दिया कि: प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं हुआ बिना पर्याप्त सुनवाई के फैसला दिया गया क्या है पूरा मामला (2003 का केस) 4 जून 2003 को रायपुर में NCP नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कुल 31 आरोपी बनाए गए 2 आरोपी सरकारी गवाह बने 28 लोगों को सजा मिली, लेकिन अमित जोगी पहले बरी हो गए थे बाद में: 2007 में ट्रायल कोर्ट ने बरी किया पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की केस फिर हाईकोर्ट पहुंचा CBI जांच में क्या सामने आया शुरुआती जांच पर सवाल उठने के बाद मामला CBI को सौंपा गया। CBI ने: हत्या को साजिश बताया अमित जोगी समेत कई लोगों पर आरोप तय किए पीड़ित पक्ष का बड़ा आरोप रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने आरोप लगाया: हत्या तत्कालीन सरकार द्वारा प्रायोजित थी जांच के दौरान सबूतों से छेड़छाड़ हुई साजिश का खुलासा ज्यादा अहम है कौन थे रामावतार जग्गी बड़े कारोबारी विद्याचरण शुक्ल के करीबी NCP में छत्तीसगढ़ के कोषाध्यक्ष हत्याकांड में 28 दोषी इस मामले में कई बड़े नामों को सजा मिली, जिनमें: पुलिस अधिकारी (2 CSP, 1 थाना प्रभारी) याहया ढेबर चिमन सिंह (शूटर) Post navigation कोरबा में ‘दोस्ती’ का दर्दनाक अंत: एक ही फंदे पर लटके मिले 2 युवक, रहस्य बरकरार छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना का ऐलान: 62 हजार कर्मचारी उतरेंगे मैदान में, हर गांव-शहर होगा कवर