पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा राजनीतिक फैसला सामने आया है। Suvendu Adhikari ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम और भवानीपुर—दोनों सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी। लेकिन नियमों के मुताबिक एक नेता केवल एक ही सीट अपने पास रख सकता है, इसलिए शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया।

इस्तीफे का ऐलान करते हुए शुभेंदु अधिकारी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि नंदीग्राम से उनका रिश्ता सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि दिल से जुड़ा हुआ है।

“नंदीग्राम के साथ मेरा रिश्ता हमेशा रहेगा। मेरा नंदीग्राम से गहरा लगाव है और यह रिश्ता मेरे मरने तक रहेगा।”

उन्होंने अपना इस्तीफा पश्चिम बंगाल विधानसभा के नए अध्यक्ष Ratindra Bose को सौंप दिया है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, दो सीटों से जीतने वाले उम्मीदवार को तय समय सीमा के भीतर एक सीट छोड़नी होती है। अब नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा।

नंदीग्राम में टीएमसी को दी बड़ी शिकस्त

नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने Pabitra Kar को 9 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। शुभेंदु अधिकारी को यहां 1,27,301 वोट मिले, जबकि पवित्र कर को 1,17,636 वोट हासिल हुए।

वहीं भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख Mamata Banerjee को भी करारी शिकस्त दी। इस सीट पर उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों के अंतर से हराया।

हालांकि शुरुआती राउंड में मुकाबला बेहद कांटे का था, लेकिन 20वें राउंड के बाद शुभेंदु अधिकारी ने बढ़त बना ली। आखिर में उन्हें 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोटों से संतोष करना पड़ा।

दूसरी बार ममता को दी मात

यह दूसरा मौका है जब ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हराया था।

उस हार के बाद ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से उपचुनाव लड़कर वापसी की थी और जीत दर्ज की थी। भवानीपुर को टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन इस बार यहां भी पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

अब सबकी नजर उपचुनाव पर

नंदीग्राम सीट खाली होने के बाद अब वहां होने वाले उपचुनाव पर पूरे राज्य की नजर रहेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह उपचुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।

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