वित्त विभाग का बड़ा फैसला, 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेंगे सख्त नियम रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और वित्तीय अनुशासन लागू करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने “वित्त निर्देश 14/2026” जारी करते हुए सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को सरकारी खर्चों में मितव्ययिता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। यह आदेश 15 मई 2026 को जारी किया गया है और 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। सरकार ने साफ कहा है कि सार्वजनिक धन का उपयोग केवल जरूरी कार्यों में ही किया जाए और अनावश्यक खर्चों पर तत्काल रोक लगाई जाए। सरकारी वाहनों के उपयोग पर सख्ती वित्त विभाग ने निर्देश दिया है कि सरकारी वाहनों का उपयोग केवल अत्यावश्यक कार्यों में ही किया जाए। विभागों में वाहन पूलिंग व्यवस्था लागू करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि एक ही दिशा में जाने वाले अधिकारी एक वाहन का उपयोग करें और पेट्रोल-डीजल खर्च कम हो सके। इसके साथ ही राज्य के सरकारी वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। विदेश यात्राओं पर रोक सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आदेश में कहा गया है कि अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि किसी यात्रा की आवश्यकता होगी तो उसके लिए मुख्यमंत्री की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा सरकार ने विभागों को निर्देश दिया है कि फिजिकल बैठकों की संख्या कम की जाए और अधिकतम बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएं। विभागीय समीक्षा बैठकें भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करने पर जोर दिया गया है। कार्यालयों में बिजली बचाने के निर्देश कार्यालय समय समाप्त होने के बाद सभी विद्युत उपकरण जैसे लाइट, पंखे, एसी और कंप्यूटर बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी भवनों में ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए विशेष उपाय लागू करने को कहा गया है। e-Office और डिजिटल सिस्टम पर जोर सरकार ने बैठकों में प्रिंटेड पेपर और बुकलेट की जगह PDF और PPT जैसे डिजिटल दस्तावेजों के उपयोग के निर्देश दिए हैं। सभी सरकारी पत्राचार और नोटशीट e-Office सिस्टम के माध्यम से संचालित करने की बात कही गई है ताकि कागज और स्टेशनरी खर्च कम हो सके। iGOT कर्मयोगी पोर्टल से होगा प्रशिक्षण भौतिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जगह अब iGOT कर्मयोगी पोर्टल का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागों से कहा गया है कि वे अपने प्रशिक्षण कोर्स पोर्टल पर अपलोड करें ताकि यात्रा और आयोजन पर होने वाला खर्च कम किया जा सके। सचिव डॉ. रोहित यादव ने जारी किया आदेश यह आदेश वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि राज्यपाल सचिवालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, विधानसभा सचिवालय, हाईकोर्ट बिलासपुर समेत सभी विभागों और जिला प्रशासन को भेजी गई है। Post navigation छत्तीसगढ़ पुलिस को मिला नया मुखिया, अरुण देव गौतम बने स्थायी डीजीपी सरगुजा में दिल दहला देने वाली वारदात, पत्नी के प्राइवेट पार्ट में डाली लोहे की रेती, 3 माह की गर्भवती पत्नी को पीटा