दुर्ग। पुलिस ने इंटरस्टेट चोरी गैंग के मास्टरमाइंड नासिर उर्फ आनस खान को पकड़ने के लिए बेहद अनोखा अंडरकवर ऑपरेशन चलाया। आरोपी कई राज्यों में करोड़ों की चोरी कर चुका था और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहा था। दुर्ग के नेहरू नगर, सुपेला, पद्मनाभपुर और शहर के कई इलाकों में लगातार चोरी की शिकायतों के बाद पुलिस जांच में जुटी थी।

जांच के दौरान पुलिस ने पहले मेरठ निवासी हाशिम खान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में चोरी का सोना खरीदने वाले कारोबारी सलीम खान का नाम सामने आया। दोनों के पास से करीब 60 लाख रुपए का सोना बरामद हुआ। पूछताछ में गैंग के मास्टरमाइंड नासिर हुसैन उर्फ आनस खान का नाम सामने आया। इसके बाद दुर्ग पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में दिल्ली के शाहीन बाग, मदनपुर खादर और नोएडा पहुंची, लेकिन आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था।

आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने भेष बदलकर ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस जवान अलाउद्दीन शेख और अजय गहलोत बकरा बेचने वाले बनकर कई दिनों तक इलाके में घूमते रहे। शक से बचने के लिए पुलिस ने 12 बकरे तक बेच दिए। इसके बाद भी आरोपी नहीं मिला तो जवान जनगणना अधिकारी बनकर घर-घर पहुंचे और लोगों से आरोपी के आने-जाने और ठिकानों की जानकारी जुटाई। यह पूरा ऑपरेशन करीब एक हफ्ते तक बेहद गुप्त तरीके से चलाया गया।

इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नासिर चोरी के गहने बेचकर खरीदी गई Kia Seltos कार से बिहार भागने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर उसका पीछा शुरू किया। आरोपी 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कार चला रहा था, लेकिन पुलिस ने करीब 300 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उत्तरप्रदेश के इटावा के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से 1.22 लाख रुपए नकद, डायमंड ब्रेसलेट, सोने-चांदी के गहने, चांदी के सिक्के और करीब 8 लाख रुपए की कार जब्त की है। पुलिस के मुताबिक नासिर हुसैन उर्फ आनस खान चोरी के पैसों से लग्जरी जिंदगी जी रहा था और फर्जी आईडी के जरिए होटलों में रुककर पुलिस से बचता था। फिलहाल आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाकर पूछताछ की जा रही है।

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