बॉबी सिंह ठाकुर/रायपुर। आगामी 28 मई को पूरे देश में ईद-उल-अजहा का पर्व मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ में ईद-उल-अजहा की नमाज़ सुबह 6 बजे से लेकर 11 बजे तक प्रदेश की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में निर्धारित समयानुसार अदा की जाएगी। नमाज़ के बाद लोग एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने प्रदेशवासियों और विशेष रूप से मुस्लिम समाज से आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पैगम्बर साहब ने हमेशा यह संदेश दिया है कि जिस देश में हम रहते हैं, वहां के संविधान और सभी धर्मों की आस्था का सम्मान करना चाहिए। इस्लाम धर्म, कुरआन और हदीस भी प्रेम, भाईचारा और साम्प्रदायिक सौहार्द का संदेश देते हैं। डॉ. सलीम राज ने कहा कि कई बार कुछ लोग खुले स्थानों में कुर्बानी करते हैं या उसकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देते हैं, जिससे अन्य समुदायों की भावनाएं आहत होती हैं और समाज का माहौल खराब होता है। उन्होंने सभी मुस्लिम भाइयों से अपील की कि ईद-उल-अजहा के मौके पर सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी न करें, प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचें और कुर्बानी से जुड़े फोटो या वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें। उन्होंने कहा कि सभी समाजों की आस्था का सम्मान करते हुए प्रेम, शांति और भाईचारे के साथ ईद-उल-अजहा का त्योहार मनाना चाहिए। Post navigation जशपुर में सनसनी: वायरलेस टॉवर पर झूल गई 22 साल की युवती देवभोग में तनाव: शव रखकर प्रदर्शन, अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने की मांग