विजय सिन्हा /गरियाबंद। जिले के देवभोग में प्रसूता की मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नेशनल हाईवे 130-C पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। कई घंटों तक सड़क जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित रहा। देवभोग में बवाल: प्रसूता की मौत के बाद सड़क पर उतरे ग्रामीण#गरियाबंद #देवभोग #प्रसूता_मौत #अस्पताल_लापरवाही #चक्काजाम #NH130C #छत्तीसगढ़_न्यूज #महिला_मौत #ग्रामीण_प्रदर्शन #स्वास्थ्य_व्यवस्था pic.twitter.com/pRUtQZNtxF— JOHARPOST.IN (@johar_post) May 26, 2026 ऑपरेशन के बाद बिगड़ती गई हालत जानकारी के मुताबिक भानुमति मांझी (30) को प्रसव पीड़ा होने पर देवभोग के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय पर सही इलाज और जरूरी मेडिकल सुविधा नहीं मिल सकी। उनका कहना है कि लगातार रक्तस्राव होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने गंभीरता नहीं दिखाई। परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप मृतका के परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते बेहतर उपचार मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। शव लेकर हाईवे पर पहुंचे ग्रामीण आक्रोशित लोगों ने बाद में शव को लेकर नेशनल हाईवे 130-C पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने, निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। देर रात तक प्रशासन और परिजनों के बीच बातचीत चलती रही। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार वहीं अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों को गलत बताया है। अस्पताल की ओर से डॉक्टरों ने कहा कि प्रसव के दौरान बच्चा फंस गया था, जिसके बाद मरीज की हालत गंभीर हो गई। स्थिति को देखते हुए परिजनों की सहमति से महिला को रेफर किया गया था। समय पर खून नहीं मिलने का दावा अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्राथमिक उपचार देने के बाद महिला को ओडिशा के नजदीकी अस्पताल भेजा गया था। डॉक्टरों के अनुसार मरीज को तत्काल खून चढ़ाने की जरूरत थी, लेकिन समय पर ब्लड उपलब्ध नहीं हो सका। जांच के बाद होगी कार्रवाई फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है। Post navigation ईद पर भाईचारा बनाए रखने की मुस्लिम समाज से अपील, सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी करने से बचें: वक्फ बोर्ड ब्रेकिंग न्यूज़ : पेंड्रा बाजार में फायरिंग से हड़कंप, व्यापारी की मौत, CCTV खंगाल रही पुलिस