बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को बिलासपुर पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। कथित साड़ी घोटाले, नक्सलवाद, धर्मांतरण कानून और विभागीय भ्रष्टाचार को लेकर उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि प्रदेश में हर विभाग में अनियमितताएं हो रही हैं।


“जांच की मांग करने वालों पर केस दर्ज किया जा रहा”

बघेल ने कहा कि राज्य में ऐसा कोई विभाग नहीं बचा है जहां भ्रष्टाचार न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जा रही है, बल्कि जो लोग सवाल उठाते हैं या जांच की मांग करते हैं, उनके खिलाफ ही कार्रवाई कर दी जाती है।


PWD में टेंडर से पहले वर्क ऑर्डर का आरोप

पूर्व सीएम ने विशेष रूप से PWD, जल संसाधन और कृषि विभाग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि PWD में पहले वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाता है और बाद में टेंडर निकाले जाते हैं, जो नियमों के खिलाफ है।


कृषि विभाग पर गंभीर आरोप

बघेल ने कृषि विभाग पर भी बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग अब अफीम और गांजे की खेती को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल चुकी हैं।


“पानी नहीं, लेकिन गली-गली शराब”

प्रदेश में पेयजल संकट को लेकर उन्होंने सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में लोगों को पानी नहीं मिल रहा, लेकिन हर गली में शराब आसानी से उपलब्ध है। बस्तियों में शराब की नदियां बह रही हैं।


नक्सलवाद पर सरकार को चुनौती

नक्सलवाद के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि अगर भाजपा को अपने दावों पर भरोसा है कि नक्सलवाद खत्म हो चुका है, तो मंत्रियों और विधायकों को अपनी Z+ सुरक्षा छोड़ देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि असली समाप्ति तब मानी जाएगी जब बस्तर से सुरक्षाबलों के कैंप हटने लगेंगे।


धर्मांतरण कानून पर भी सवाल

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर को लेकर उन्होंने इसे राजनीति करार दिया। बघेल ने कहा कि उनके कार्यकाल में जबरिया धर्मांतरण के मामलों में कार्रवाई की गई थी और ज्यादातर शिकायतें गलत पाई गई थीं।
उन्होंने कहा कि मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसके बावजूद जल्दबाजी में हस्ताक्षर किए जा रहे हैं।


“विपक्ष की आवाज दबाई जा रही”

बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज सवाल पूछना ही अपराध बन गया है।
उन्होंने दावा किया कि विधायक कवासी लखमा द्वारा सवाल उठाने के बाद उनके घर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भेजा गया।


शोक सभा में शामिल होने पहुंचे थे

दरअसल, बघेल बिलासपुर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के भाई के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा में प्रदेश की मौजूदा स्थिति पर सरकार को घेरा।

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