छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में गैंगरेप के आरोप की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस जांच में शिकायत पूरी तरह फर्जी निकली। आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते सरपंच और भाजपा समर्थित जनपद सदस्य को झूठे केस में फंसाकर 3 लाख रुपए की उगाही की योजना बनाई गई थी। बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल थाना क्षेत्र में दर्ज गैंगरेप का मामला पुलिस जांच में पूरी तरह फर्जी निकला है। मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि चुनावी रंजिश के चलते ग्राम कटगी के सरपंच जयसिंह पैकरा और भाजपा समर्थित जनपद सदस्य (बीडीसी) संजीव जायसवाल को झूठे गैंगरेप केस में फंसाकर उनसे 3 लाख रुपए की वसूली करने की साजिश रची गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई एक थार वाहन और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। ऐसे शुरू हुआ पूरा मामला 24 जून 2026 को एक युवती ने कसडोल थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने आरोप लगाया कि ग्राम कटगी के सरपंच जयसिंह पैकरा और जनपद सदस्य संजीव जायसवाल ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसके साथ गैंगरेप किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और अन्य इलेक्ट्रॉनिक प्रमाणों की जांच की। तकनीकी जांच में खुल गया पूरा राज जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस समय घटना होने का दावा किया गया था, उस समय दोनों जनप्रतिनिधि कथित घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। इस तथ्य के सामने आने के बाद पुलिस ने युवती से दोबारा पूछताछ की। पूछताछ में युवती ने स्वीकार किया कि उसके साथ गैंगरेप जैसी कोई घटना नहीं हुई थी और शिकायत झूठी थी। पैसे का लालच, फिर धमकी देकर कराई शिकायत युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी सहेली पूनम चौहान, भागवत थवाईत और उनके अन्य साथियों ने उसे शिकायत दर्ज कराने के लिए तैयार किया था। बदले में उसे पैसों का लालच दिया गया। जब उसने ऐसा करने से इनकार किया तो उसे ही झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। डर के कारण उसने सरपंच और जनपद सदस्य के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करा दी। 3 लाख रुपए की उगाही थी असली मकसद पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों की योजना दोनों जनप्रतिनिधियों को गैंगरेप जैसे गंभीर अपराध में फंसाकर जेल भेजने का डर दिखाना और उनसे 3 लाख रुपए की वसूली करना था। इसी साजिश के तहत पूरी कहानी तैयार की गई और शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार जांच में मिले सबूतों के आधार पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया। घेराबंदी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने साजिश की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद 28 जून 2026 को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। ये हैं गिरफ्तार आरोपी पुलिस के अनुसार मामले में गिरफ्तार आरोपी हैं— भागवत थवाईत (27), निवासी कटगी दीपक थवाईत (18) शिवा चेलक (19) विजय शंकर तिवारी (40), निवासी लवन पूनम चौहान, निवासी सुकली पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक थार वाहन और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस क्या बोली? एसडीओपी कसडोल कौशल किशोर वासनिक ने बताया कि युवती द्वारा दर्ज कराई गई गैंगरेप की शिकायत जांच में पूरी तरह झूठी पाई गई। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ से स्पष्ट हुआ कि शिकायत सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है तथा जांच अभी भी जारी है। पुलिस अब किन बिंदुओं पर कर रही जांच? क्या पहले भी इसी तरह किसी को फंसाने की कोशिश की गई थी? क्या इस साजिश में और लोग भी शामिल हैं? क्या आरोपियों ने पहले भी ब्लैकमेलिंग की घटनाओं को अंजाम दिया है? जब्त मोबाइल से और कौन-कौन से सबूत मिलते हैं? News Post navigation खर्वे गांव की 8 रहस्यमयी मौतों का खुलासा! आरोपी रामसहाय जायसवाल गिरफ्तार, 9 FIR दर्ज, गांव में उबाल बलौदाबाजार हिंसा केस: सुप्रीम कोर्ट से अमित बघेल समेत 3 आरोपियों को जमानत, रायपुर आने पर 3 महीने की रोक