रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटालों में आरोपी प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने करीब तीन साल बाद रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने 17 जुलाई तक 9 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया।

जांच एजेंसी ने अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद 9 दिन की रिमांड मंजूर हुई। इस दौरान EOW रामगोपाल अग्रवाल से कथित वित्तीय लेन-देन, धन के स्रोत, जब्त दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्यों और कथित धन के प्रवाह को लेकर पूछताछ करेगी।

EOW का दावा है कि कोल लेवी मामले में जब्त डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये की एंट्री मिली है। एजेंसी का आरोप है कि यह रकम रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से पहुंचाई गई। वहीं शराब घोटाले में अनवर ढेबर और कस्टम मिलिंग मामले में रोशन चंद्राकर के जरिए भी धन पहुंचने के आरोपों की जांच की जा रही है। इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।

जांच के दौरान EOW ने उनके बेटे वैभव अग्रवाल से भी दो दिन तक पूछताछ की। उधर, अदालत परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल भी पहुंचे, लेकिन उन्होंने मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।

रामगोपाल अग्रवाल का नाम कथित 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले, 540 करोड़ रुपये के कोल लेवी मामले और 127 करोड़ रुपये के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाले की जांच में सामने आया है। सभी मामलों की जांच जारी है और किसी भी आरोप की अंतिम न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। वहीं कांग्रेस ने कार्रवाई को राजनीतिक बताते हुए प्रदेशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है।

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