रतनपुर निवासी मरीज द्वारिका प्रसाद का आरोप- डायलिसिस के दौरान स्टाफ गायब था, करीब आधा लीटर खून बह गया, शिकायत करने की कही बात।


बिलासपुर।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट से जुड़ी एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। डायलिसिस कराने पहुंचे एक मरीज ने आरोप लगाया है कि स्टाफ ने सलाइन और डायलिसिस प्रक्रिया शुरू करने के बाद उसे अकेला छोड़ दिया। इस दौरान मशीन से शरीर में जाने वाला खून पाइप से निकलकर फर्श पर बहता रहा, लेकिन काफी देर तक कोई कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था।

पीड़ित मरीज द्वारिका प्रसाद मंगलोई, निवासी नवापारा, रतनपुर, तहसील कोटा, जिला बिलासपुर ने बताया कि डायलिसिस के दौरान वह बिस्तर पर लेटा हुआ था। कुछ देर बाद उसकी नींद खुली तो देखा कि मशीन से खून बाहर निकलकर लगातार फर्श पर गिर रहा है। आसपास कोई डॉक्टर या स्टाफ मौजूद नहीं था।

मरीज का कहना है कि उसने जोर-जोर से आवाज लगाई और मदद के लिए पुकारा। काफी देर बाद अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा। तब तक काफी मात्रा में खून बह चुका था। इसके बाद कर्मचारियों ने फर्श पर फैले खून को साफ करने और स्थिति संभालने का प्रयास किया।

द्वारिका प्रसाद ने आरोप लगाया कि जब उसने इस पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो वहां मौजूद डॉक्टर और कर्मचारियों ने उसे वीडियो बनाने से मना किया और कथित तौर पर धमकाने लगे। मरीज का कहना है कि वह इस मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करेगा।

पीड़ित का दावा है कि इस घटना में करीब आधा लीटर खून बह गया। उसने जिला अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि डायलिसिस के दौरान मरीजों की निगरानी ही नहीं की जाएगी तो किसी बड़ी दुर्घटना की जिम्मेदारी कौन लेगा। मरीज ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल के सीएमओ अपने स्टाफ की निगरानी नहीं करते, जिसके कारण इस तरह की लापरवाही सामने आ रही है।

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